जनन स्वास्थ्य-समस्याएं एवं योजनाएं | जनसंख्या विस्फोट

जनन स्वास्थ्य विश्व स्थास्थ्य संगठन (डब्ल्यू एच, ओ.) के अनुसार जनन स्वास्थ्य का अर्थ-जनन के सभी पहलुओं सहित एक संपूर्ण स्वास्थ्य अर्थात्‌ शारीरिक, भावनात्मक, व्यवहारात्मक तथा सामाजिक स्वास्थ्य है। इसका संबंध उन बीमारियों, विकारों तथा स्थितियों से है जो जीवन के सभी चरणों के दौरान पुरुष तथा स्त्री के प्रजनन तंत्र की क्रियाविधि को प्रभावित … Read more

मानव जनन | पुरुष जनन तंत्र | स्त्री जनन तंत्र |

मानव जनन परिचय जनन एक ऐसी क्रिया है जिसमें जीवित प्राणी स्वयं के समान जीवों को उत्पन्न करता है और जनन तंत्र अंगों का ऐसा तंत्र है जो इस विधि में भाग लेता है। मानव लेंगिक रूप से जनन करने वाला और सजीवप्रजक या जरायुज प्राणी है। लैंगिक जनन में जनन की गति धीमी होती … Read more

बीज | बीज की संरचना | बीजपत्र | भ्रूण |

बीज बीज स्पमेटोफाइट (जिम्मोस्पर्म व एंजियोस्पर्म) की विशेषता है। बीज में सम्पूर्ण पादप निहित होता है। आवृतबीजी पादपों में निषेचन के पश्चात्‌ अण्ड कोशिका भ्रूण में, अण्डाशय फल में तथा बीजाण्ड बींज में रूपांतरित हो जाते हैं। बीज की संरचना आकारिकी की दृष्टि से एक परिपक्व या निषेचित बीजाण्ड बीज कहलाता है। दूसरे शब्दों में … Read more

कीट परागण | निषेचन | भ्रूणपोष का परिवर्धन | युग्मक संलयन

कीट परागण जब परागण कीटों द्वारा सम्पन्न किया जाता है तो इसे कीट परागण कहते हैं। अधिकांश कीट परागण (80%) केवल मधुमक्खी के द्वारा होता है। ये अधिकांशत: शोभाकारी होते हैं। शोभाकारी पादप इस परागण में अपनी सबसे ज्यादा ऊर्जा खर्च करते हैं तथा कीट-परागण हेतु ज्यादा से ज्यादा अनुकूलन पैदा करते हैं। इन पुष्पों … Read more

गुरुबीजाणु जनन

गुरुबीजाणु जनन गुरुबीजाणु मातृ कोशिका से अर्थसूत्री विभाजन के द्वारा गुरुबीजाणु के बनने की क्रिया को गुरुबीजाणु जनन कहते हैं। बीजाण्ड के विकास के दोरान, इस प्रक्रिया के प्रारंभ में बीजाण्डासन ऊतक से बीजाण्डकाय का निर्माण एक गोल घुण्डीनुमा अतिवृद्धि के रूप में होता है। इस अवस्था में बीजाण्डकाय की समस्त कोशिकाएं अविभेदित व समरूपी … Read more