निषेचन एवं भ्रूण विकास

निषेचन एवं भ्रूण विकास निषेचन शुक्राणु के साथ एक अंडाणु के संलयन की प्रक्रिया को निषेचन कहते हैं। निषेचन केवल तभी होता है, यदि अण्डाशय से अवमुक्त डिम्ब, डिम्ब वाहिनी के एम्पुलरी-इस्थमिक जंक्शन तक पहुँचता है तथा योनि में अवमुक्त हुआ शुक्राणु गर्भाशय ग्रीवा व गर्भाशय से होता हुआ यहाँ पहुँचता है। निषेचन द्वितीय अण्डक … Read more

कीट परागण | निषेचन | भ्रूणपोष का परिवर्धन | युग्मक संलयन

कीट परागण जब परागण कीटों द्वारा सम्पन्न किया जाता है तो इसे कीट परागण कहते हैं। अधिकांश कीट परागण (80%) केवल मधुमक्खी के द्वारा होता है। ये अधिकांशत: शोभाकारी होते हैं। शोभाकारी पादप इस परागण में अपनी सबसे ज्यादा ऊर्जा खर्च करते हैं तथा कीट-परागण हेतु ज्यादा से ज्यादा अनुकूलन पैदा करते हैं। इन पुष्पों … Read more